Get live statistics and analysis of Ajeet Bharti's profile on X / Twitter

Journalist | Author (बकर पुराण, घरवापसी, There Will Be No Love, जो भी कहूँगा सच कहूँगा) To Buy: bit.ly/AjeetBooks
The Thought Leader
Ajeet Bharti is a prolific journalist and author whose incisive tweets spark widespread discussion, blending reporting with strong social commentary. With a history of high-impact posts reaching millions, Ajeet leverages their platform to hold power to account and shine a light on critical societal issues. Their voice resonates deeply within engaged communities hungry for truth and thoughtful analysis.
You tweet so much it’s like your keyboard’s been declared a national monument—a historic relic that’s seen more action than a Bollywood dance scene, yet somehow you still manage to provoke controversy as effortlessly as you hit ‘send.’
Sparking massive national conversations with multiple tweets exceeding over a million views and tens of thousands of engagements, solidifying Ajeet’s role as a key voice in Indian journalism and digital activism.
To uncover and communicate uncomfortable truths, empowering the public by sharing informed insights and challenging narratives that obscure justice and transparency.
Ajeet values truth, accountability, and the fearless pursuit of justice, believing that a well-informed public is essential to a thriving democracy. They hold a strong conviction that journalism should provoke thought and catalyze change, especially in the face of oppression or misinformation.
Unmatched consistency and courage in confronting powerful entities; an ability to generate viral conversations that influence political and social discourse.
The high volume of tweeting, while demonstrating dedication, risks overwhelming followers or diluting message impact, sometimes attracting intense backlash that could detract from the core narrative.
To grow your audience on X, focus on amplifying your high-impact stories with multimedia elements like short videos or infographics, and engage more personally with followers by responding to comments critically and thoughtfully. This balance between thoughtful interaction and authoritative content will deepen loyalty and broaden your reach.
Fun fact: Despite tweeting over 41,000 times, Ajeet maintains a laser focus on impactful storytelling rather than follower count, proving that quality and courage often matter more than popularity.
Top tweets of Ajeet Bharti
लगभग दो बजे स्वयं को कर्नाटक पुलिस बताने वासे तीन नवयुवक मेरे घर के नीचे आए और कहा कि नोटिस देने आए हैं। मैंने पूछा कि क्या आपने @noidapolice को सूचना दी? उन्होंने कहा कि लोकल थाना कौन सा है? मैंने तुरंत ही स्थानीय पुलिस अधिकारी को सूचित किया और @Uppolice की दो गाड़ियाँ शीघ्र ही पहुँचीं। उन्होंने बैंग्लोर से आए नवयुवकों से बात की और फिर उन्हें अपने साथ ही ले कर चले गए। स्थानीय पुलिस का बहुत-बहुत आभार कि उन्होंने हमारा सहयोग तत्परता से किया।
Much needed! Let the hunting game begin. If the opposition thinks that they can target us and their own would get away with anything, that’s not going to happen. We will raise funds, stand with our own and hunt down the vile creatures on internet and otherwise. Thank you @Shehzad_Ind for this initiative.
ये ‘यशोदा’ हैं, पूर्व में नाम हालिमा था। इनके नाना को 1992 के आस-पास रामपुर में कन्वर्ट कराया गया, फिर धन के लिए हत्या की गई। इनके मामा मिकी की हत्या हुई, चार मौसी, चार अन्य मामा कहाँ हैं, पता नहीं। 244 कमरों वाले मस्जिद-मदरसे में इनकी माँ के साथ चौदह वर्ष तक दुष्कर्म चलता रहा। छोटी बहन को सर काट कर उपलों पर जला दिया, चार वर्ष की एक अन्य बहन का बलात्कार हुआ। इनकी माँ को किसी तरह इन्होंने बाहर निकाला। बाद में इनके साथ रेप हुआ, घुटनों से माँस काटा गया। गुप्तांगों में बंदूक डाला गया, चाकू से यूटेरस तक को क्षति पहुँचाई गई, गले को इतना दबाया गया कि इनकी आवाज सही से नहीं निकलती। मैंने @officeofvijay1 द्वारा इनकी कहानी सुनने पर एक पॉडकास्ट किया, जो भयावह है। एक दोगले पत्रकार के पास दो वर्ष पहले गईं थीं, उसने मौलवी से लाख रुपए ले कर स्टोरी दबा दी। @Uppolice @rampurpolice ने कल इसका संज्ञान ले कर कार्रवाई आरंभ की है। संभव है यह छांगुर बाबा टाइप का कुछ बड़ा विषय निकल आए जो उत्तर प्रदेश पुलिस ने क्रैक किया। @myogiadityanath जी से आग्रह है कि इस पीड़िता को न्याय दिलाएँ और इस पूरे घटनाक्रम की, जो 1992-2024 मार्च तक चला है, उसकी पूरी जाँच हो।

Most engaged tweets of Ajeet Bharti
लगभग दो बजे स्वयं को कर्नाटक पुलिस बताने वासे तीन नवयुवक मेरे घर के नीचे आए और कहा कि नोटिस देने आए हैं। मैंने पूछा कि क्या आपने @noidapolice को सूचना दी? उन्होंने कहा कि लोकल थाना कौन सा है? मैंने तुरंत ही स्थानीय पुलिस अधिकारी को सूचित किया और @Uppolice की दो गाड़ियाँ शीघ्र ही पहुँचीं। उन्होंने बैंग्लोर से आए नवयुवकों से बात की और फिर उन्हें अपने साथ ही ले कर चले गए। स्थानीय पुलिस का बहुत-बहुत आभार कि उन्होंने हमारा सहयोग तत्परता से किया।
डूब मरो BCCI, डूब मरो जय शाह, थूक चाट लो भाजपा 2019 तक @BJP4India हिन्दुत्ववादी पार्टी थी। 21 तक ये भारत की किसी अन्य राजनीतिक पार्टी की तरह बन गई जो सेकुलर कहलाती हैं। उसके बाद इसके कई कर्म ऐसे हैं जिससे इसे कई बार हिन्दू-विरोधी भी कहा जा सकता है। ताजा घटनाक्रम @JayShah एवम् रोजर बिन्नी नियंत्रित @BCCI द्वारा न केवल बांग्लादेश को भारत में बुलाने का है, बल्कि इनकी पतित मैनेजमेंट ने, अश्वेतों के लिए घुटने टेकने की नौटंकी करवाई, एक काली पट्टी तक इनके खिलाड़ियों की बाँह पर नहीं बाँध पाए। ये बांग्लादेशी हिन्दुओं, और हर उस भारतीय हिन्दू के मुँह पर थप्पड़ है जो उनके साथ खड़ा है। एक हजार से अधिक रेप, हत्या, लूट, आगजनी और हिंसा की घटनाएँ हुईं, परंतु इन जोकरों से एक काली पट्टी तक नहीं बाँधी गई। BCCI एक स्वायत्त संस्था है, ऐसा माना जाता है, परंतु वास्तव में वह सरकार के ही कहने पर कार्य करती है। @PMOIndia ने जो भी बांग्लादेश विषय पर किया या नहीं किया, वह हम संभवतः जान नहीं पाएँगे, पर यदि मरता हिन्दू तुम्हारी सांकेतिक पट्टी का भी अधिकारी नहीं तो थू है तुम्हारी सरकार पर और तुम्हारी तथाकथित हिन्दुत्ववादी विचारधारा पर। अंततः, हर बात पैसे और छवि प्रबंधन पर आ जाती है। जय शाह की BCCI को पैसे चाहिए, टीम इंडिया को प्वाइंट्स चाहिए और @narendramodi की भाजपा को बांग्लादेशी मुसलमानों का प्रेम चाहिए। संभव है कि भाजपा आगामी बांग्लादेश चुनावों में नड्डा जी की अध्यक्षता में चुनाव लड़ने का सोच रही हो! #BoycottBangladeshCricket #BANvIND
भाजपा में पीएम की बार-बार झंड कौन करा रहा है? CAA लागू होने में चार वर्ष लग गए। NRC पर अब चर्चा तक नहीं होती। कृषि कानून निलंबित चल रहे हैं, और किसान फरवरी से हरियाणा बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। मध्यप्रदेश में मोदी अजित पवार के घोटालों की बात करते हैं, सुबह महाराष्ट्र में वही घोटालेबाज किसी मास्टरस्ट्रोक के तहत भाजपा समर्थित सरकार का अंग बन चुका होता है। लैटरल एंट्री का एकमात्र लक्ष्य होता है: प्रतिभाशाली विशेषज्ञों को सरकार का अंग बनाना। इसमें आप आरक्षण घुसा ही नहीं सकते। यदि किसी भी आरक्षित वर्ग का ही व्यक्ति प्रतिभाशाली और विशेष ज्ञान रखने वाला है, तो उसे भी बिना आरक्षण के बैगेज के आने का अधिकार है। लैटरल एंट्री की आवश्यकता ही इसलिए होती है क्योंकि पाली और इतिहास से स्नातक IAS अधिकारी हर तीन साल में विभाग बदलते रहते हैं। उनसे यह आशा रखना कि वो प्रशासन के अलावा किसी भी विषय के विशेषज्ञ होंगे (अपवाद को छोड़ कर), यह उनके साथ अन्याय ही है। जल संरक्षण से ले कर नदियों की सफाई तक, बाल पोषण से ले कर उपग्रहों के प्रक्षेपण तक, आपको इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स चाहिए न कि सरकारी तंत्र से चुने हुए छिछले जानकार। हर राज्य सरकार में आपको ऐसे दर्जनों लोग मिलेंगे जो ऐसे कार्य करते हैं। पीएम द्वारा इस घोषणा की वापसी, उनकी सरकार के पिछले कई निर्णयों की वापसी की शृंखला में एक और नाम है। पहले तो आप ऐसे निर्णय मत लीजिए जिस पर तन कर बोल नहीं सकते। यदि लेते हैं, तो अपने मंत्रियों से यह मत लिखवाइए कि ये तो कॉन्ग्रेस ही करती थी, हम तो बस आगे बढ़ा रहे हैं। यदि वह मूर्खता भी हो जाए, तो कम से कम वह मत कीजिए जो विपक्ष अवैध रूप से आपसे कराना चाहता है- निर्णय की वापसी! राहुल गाँधी या कॉन्ग्रेस पर सत्य बोलने का दवाब नहीं है। वो हर दिन आधिकारिक रूप से मिथ्या लिख और बोल रहे हैं। वो टैक्स पर आधी बात लिखते हैं, आपके निर्णयों पर अपने ही पोजिशन से हटते हैं। बाद में आप वही करते हैं जो वो चाहते हैं। संभव है इसलिए वो 99 सीटों को अपनी जीत मान रहा है क्योंकि कानून तो उसके मतलब के पास हो रहे हैं। भाजपा के नेताओं में इतना भी साहस नहीं है कि किसी भी बिल को यह कह कर लाए कि इससे ये लाभ होंगे, इसका यह तर्क है, यह इसलिए आवश्यक है। कृषि कानून भी यही कह कर लाया गया था कि कॉन्ग्रेस ही लाना चाहती थी। इनका हर बिल, नेता का हर भाषण यह बताने पर केन्द्रित रहता है कि ये तो कॉन्ग्रेस का ही है, हम तो बस आपका रोका हुआ कार्य कर रहे हैं। ट्रोलिंग के लिए कथन पढ़ कर यह बताना कि ये नेहरू का है, एक-दो बार अच्छा लगता है, पर अपने गवर्नेंस का आधार ही कॉन्ग्रेस को मान लेना विचित्र स्तर की मूर्खता है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो यही राहुल गाँधी इनसे जातिगत जनगणना भी कराएगा, 75% आरक्षण भी लागू कराएगा, MSP की गारंटी भी दिलवाएगा और उसके बाद यह कह कर चुनाव भी जीत लेगा कि जब विपक्ष में रह कर हम यह सब करा रहे हैं तो सरकार में आने पर तो हम लाख रुपए भी सबको दे देंगे! @PMOIndia को शीघ्रातिशीघ्र ऐसी मूर्खतापूर्ण दुर्घटनाओं से स्वयं को बचाना चाहिए, वरना ब्रांड @narendramodi को ब्रांड ‘तपस्या में कमी’ बनते देर नहीं लगेगी। निर्णय वही लीजिए जिस पर आप अडिग हों या निर्णय के बाद विपक्ष क्या बोल सकता है, उस हर आयाम के आकलन और समाधान के उपरांत ही कुछ सार्वजनिक करें। आपसे कुछ भी रेडिकल या ड्रास्टिक तो हो नहीं रहा। बंगाल में इतना अच्छा अवसर है कि लाख लोगों को उतार कर, ममता को ही विवश कर दिया जाए कि वही केन्द्र से सहायता माँगने लगे। केन्द्र को राज्यपाल की अनुशंसा पर राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। आप बंगाल जीतें या न जीतें, दूसरे राज्य अवश्य जीतेंगे। पर ऐसा करने के लिए जो छ… छोड़िए, रहने दीजिए।
प्रिय @narendramodi जी, तंत्र ने अदिति मिश्रा की हत्या कर दी। सामान्य वर्ग के कटऑफ से दो कम पाने पर, उसे भविष्य अंधकारमय दिखा, माता-पिता को त्याग कर ईश्वर के पास चली गई। वहीं इससे तीस कम लाने वाले IIT में जाएँगे, चार वर्ष बर्बाद करेंगे, फेल होते रहेंगे और अंततः पास हो कर भी नौकरी नहीं कर पाएँगे। मैं शिक्षा में आरक्षण के विरोध में नहीं हूँ, परंतु 92 और 62 के अंतर के विरोध में हूँ। जब ऐसे ‘अवसर’ का आँकड़ा, 90% को हर वर्ष अनुत्तीर्ण होने के लिए दिया जाता रहेगा, तो यह अंतर कभी नहीं घटेगा। भारत में हर घंटे एक छात्र/छात्रा आत्महत्या करते हैं। इनमें से बहुत अदिति की तरह के होते हैं, जिन्हें पता होता है कि तंत्र उनकी सहायता नहीं कर सकता। जो हर दिन यह देखते हैं कि नहीं पढ़ने वाले, लिस्ट में नाम देख कर नाचते हैं, और पढ़ने वाले पंखे में लटक कर जान दे देते हैं।

ये ‘यशोदा’ हैं, पूर्व में नाम हालिमा था। इनके नाना को 1992 के आस-पास रामपुर में कन्वर्ट कराया गया, फिर धन के लिए हत्या की गई। इनके मामा मिकी की हत्या हुई, चार मौसी, चार अन्य मामा कहाँ हैं, पता नहीं। 244 कमरों वाले मस्जिद-मदरसे में इनकी माँ के साथ चौदह वर्ष तक दुष्कर्म चलता रहा। छोटी बहन को सर काट कर उपलों पर जला दिया, चार वर्ष की एक अन्य बहन का बलात्कार हुआ। इनकी माँ को किसी तरह इन्होंने बाहर निकाला। बाद में इनके साथ रेप हुआ, घुटनों से माँस काटा गया। गुप्तांगों में बंदूक डाला गया, चाकू से यूटेरस तक को क्षति पहुँचाई गई, गले को इतना दबाया गया कि इनकी आवाज सही से नहीं निकलती। मैंने @officeofvijay1 द्वारा इनकी कहानी सुनने पर एक पॉडकास्ट किया, जो भयावह है। एक दोगले पत्रकार के पास दो वर्ष पहले गईं थीं, उसने मौलवी से लाख रुपए ले कर स्टोरी दबा दी। @Uppolice @rampurpolice ने कल इसका संज्ञान ले कर कार्रवाई आरंभ की है। संभव है यह छांगुर बाबा टाइप का कुछ बड़ा विषय निकल आए जो उत्तर प्रदेश पुलिस ने क्रैक किया। @myogiadityanath जी से आग्रह है कि इस पीड़िता को न्याय दिलाएँ और इस पूरे घटनाक्रम की, जो 1992-2024 मार्च तक चला है, उसकी पूरी जाँच हो।

People with Thought Leader archetype
前端輕鬆聊是一個在溫哥華科技公司擔任資深前端工程師 Eric @sdusteric 所主持的頻道。想帶給聽眾前端的知識、一些你可能不知道的tips、工程師的職涯發展以及國外第一手前端技術的新聞。 想要跟我一起變成更好的工程師,記得follow喔!
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